होटल कर्मचारियों के लिए भारत सरकार के नए नियम 2026 वेतन, ड्यूटी टाइम, सुरक्षा और अधिकारों की पूरी जानकारी


परिचय: होटल कर्मचारियों के अधिकार क्यों हैं ज़रूरी?
भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर – जिसमें होटल, रिसॉर्ट, ढाबे, रेस्टोरेंट और टूरिज़्म सेवाएं शामिल हैं – देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस सेक्टर में हाउसकीपिंग स्टाफ, फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, शेफ, कुक, वेटर, बेल बॉय, सिक्योरिटी, टेक्नीशियन और मैनेजमेंट स्टाफ जैसे लाखों कर्मचारी काम करते हैं।



होटल इंडस्ट्री की खासियत है:

शिफ्ट में काम

नाइट ड्यूटी

सीजनल जॉब

कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट

इन्हीं कारणों से कर्मचारियों के शोषण की संभावना भी अधिक रहती है। इसे रोकने के लिए भारत सरकार ने चार नई श्रम संहिताएं (Labour Codes) लागू की हैं, जो 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित हो चुकी हैं और 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी मानी जा रही हैं।

भारत की 4 नई श्रम संहिताएं (Labour Codes 2026)
सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार बड़े कानून बनाए हैं:

मजदूरी संहिता, 2019 (Code on Wages)

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता, 2020 (OSH Code)

सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security)

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code)

ये सभी नियम होटल, रेस्टोरेंट और टूरिज़्म सेक्टर पर सीधे लागू होते हैं।

श्रम कानूनों का इतिहास: बदलाव क्यों ज़रूरी था?
पहले भारत में श्रम कानून अलग-अलग थे, जैसे:

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948

फैक्ट्रीज़ एक्ट 1948

वेतन भुगतान अधिनियम 1936

होटल इंडस्ट्री अक्सर असंगठित क्षेत्र मानी जाती थी, इसलिए कई कर्मचारी कानूनी सुरक्षा से वंचित रह जाते थे।
नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य है:

हर कर्मचारी को समान अधिकार

कॉन्ट्रैक्ट और स्थायी में भेद खत्म करना

डिजिटल रजिस्ट्रेशन और पारदर्शिता

1️⃣ मजदूरी संहिता 2019: होटल स्टाफ की सैलरी और बोनस नियम
🔹 न्यूनतम वेतन (Minimum Wage Rule)
अब होटल सेक्टर सहित सभी उद्योगों में न्यूनतम वेतन लागू है।

केंद्र सरकार National Floor Wage तय करती है

राज्य सरकार इससे कम वेतन नहीं तय कर सकती

🔹 वेतन की नई परिभाषा
वेतन =
✔ बेसिक सैलरी
✔ महंगाई भत्ता
✔ रिटेनिंग अलाउंस

👉 कुल भत्ते 50% से ज्यादा नहीं हो सकते।
इससे PF, ESIC और ग्रेच्युटी का फायदा सीधे बढ़ता है।

🔹 समय पर सैलरी
हर महीने समय पर भुगतान अनिवार्य

देरी पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

🔹 समान काम, समान वेतन
पुरुष और महिला कर्मचारियों के बीच वेतन भेदभाव पूरी तरह अवैध है।

🔹 बोनस और ओवरटाइम
बोनस: 8.33% से 20% तक

ओवरटाइम: डबल वेतन (Double Pay)

🔹 होटल कर्मचारियों के लिए खास बात
टिप्स (Tips) को वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा

कई राज्यों में Tip Pooling System लागू

Appointment Letter देना अनिवार्य

2️⃣ OSH Code 2020: ड्यूटी टाइम, छुट्टियां और सुरक्षा नियम
⏰ कार्य समय (Working Hours)
दिन में 8 घंटे

सप्ताह में 48 घंटे

ओवरटाइम केवल सहमति से

🌙 नाइट शिफ्ट नियम
महिला कर्मचारियों को लिखित सहमति से नाइट शिफ्ट

होटल को सुरक्षित ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी देनी होगी

🏥 हेल्थ और सेफ्टी
40 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप

रसोई में फायर सेफ्टी, गैस सेफ्टी अनिवार्य

केमिकल क्लीनिंग एजेंट की सुरक्षित हैंडलिंग

🏢 सुविधाएं
100+ कर्मचारी → कैंटीन

50+ कर्मचारी → क्रेच

पीने का पानी, शौचालय, फर्स्ट एड अनिवार्य

📝 होटल रजिस्ट्रेशन
10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले हर होटल को सरकार में रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है।

3️⃣ सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: PF, ESIC और ग्रेच्युटी
💰 PF और ESIC
10+ कर्मचारियों पर अनिवार्य

एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों का योगदान

🎁 ग्रेच्युटी नियम (Big Change)
अब सिर्फ 1 साल की सेवा पर भी ग्रेच्युटी का हक
(पहले 5 साल जरूरी थे)

✔ फिक्स्ड-टर्म
✔ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी भी शामिल

🤰 मातृत्व लाभ
26 सप्ताह का पेड मैटरनिटी लीव

4️⃣ औद्योगिक संबंध संहिता 2020: नौकरी की सुरक्षा
300+ कर्मचारियों वाले होटल में छंटनी से पहले सरकारी अनुमति

कर्मचारी यूनियन बनाने का अधिकार

अवैध हड़ताल और लॉकडाउन पर नियंत्रण

होटल कर्मचारियों के लिए विशेष अधिकार
✔ कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के लिए समान सुविधा
✔ सीजनल जॉब में भी ग्रेच्युटी
✔ महिला कर्मचारियों की सुरक्षा
✔ प्रवासी मजदूरों को यात्रा भत्ता
✔ PDS और PF पोर्टेबिलिटी

निष्कर्ष: कर्मचारियों और होटल मालिकों दोनों के लिए जरूरी
नई श्रम संहिताएं 2026 होटल कर्मचारियों को:

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